गुरुवार, ३० जानेवारी, २०१४

ये रात ये चांदनी फिर कहा...





ये रात ये चाँदनी फिर कहा, सुन जा दिल की दास्ताँ 
चाँदनी राते, प्यार की बातें, खो गयी जाने कहा

आती हैं सदा तेरी, टूटे हुये तारों से
आहट तेरी सुनती हूँ, खामोश नज़ारों से
भीगी हवा उंदी घटा, कहती हैं तेरी कहानी
तेरे लिए बेचैन है, शोलों में लिपटी जवानी
सीने में बल खा रहा हैं धुवाँ 

लहरों के लबों पर हैं, खोये हुये अफ़साने
गुलजार उम्मीदों के सब हो गये वीराने
तेरा पता पाऊ कहा, सूने हैं सारे ठिकाने 
जाने कहा गुम हो गये, जा के वो अगले जमाने
बरबाद हैं आरजू का जहाँ

गीतकार: साहिर लुधियानवी
संगीतकार: सचिन देव बर्मन
गायक-गायिका: हेमंत कुमार-लता मंगेशकर
चित्रपट: जाल

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