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शनिवार, २३ मे, २०२०

छुकर मेरे मन को



छू कर, मेरे मन को, किया तूने, क्या इशारा
बदला ये मौसम, लगे प्यारा जग सारा
छू कर...

तू जो कहे जीवन भर, तेरे लिये मैं गाऊँ,
तेरे लिये मैँ गाऊँ,
गीत तेरे बोलों पे लिखता चला जाऊँ,
लिखता चला जाऊँ,
मेरे गीतों में, तुझे ढूँढे जग सारा
छू कर...

आजा तेरा आँचल ये, प्यार से मैं भर दूँ,
प्यार से मैं भर दूँ,
खुशियाँ जहाँ भर की, तुझको नज़र कर दूँ,
तुझको नज़र कर दूँ,
तू ही मेरा जीवन, तू ही जीने का सहारा
छू कर.

.
गीतकार- आनंद बक्षी
संगीतकार- राजेश रोशन
गायक- किशोरकुमार
चित्रपट- याराना

रविवार, २ फेब्रुवारी, २०१४

जीवन से भरी तेरी ऑंखें...




जीवनसे भरी, तेरी आँखें
मजबूर करे, जीने के लिए
सागर भी तरसते, रहते हैं
तेरे रूप का रस, पीने के लिए

तसवीर बनाए, क्या कोई
क्या कोई लिखे, तुझ पे कविता
रंगों छंदों में समायेगी
किस तरह से, इतनी, सुन्दरता
एक धड़कन हैं,तू दिल के लिए
एक जान हैं, तू जीने के लिए

मधुबन की, सुगंध हैं, साँसों में
बाहों में कमल की कोमलता
किरनों का, तेज हैं, चेहरे पे
हिरनों की हैं, तुझ में, चंचलता
आँचल का तेरे, हैं ताऽऽर बहुत
कोई शाख जिगर, सीने के लिए

गीतकार: इंदीवर
संगीतकार: कल्याणजी आनंदजी
गायक: किशोर कुमार
चित्रपट: सफर

शुक्रवार, ३१ जानेवारी, २०१४

मेरा जीवन कोरा कागज...





मेरा जीवन कोरा कागज कोरा ही रह गया
जो लिखा था, आसूओं के संग बह गया

एक हवा का झोंका आया, टूटा डाली से फूल
ना पवन की, ना चमन की, किस की हैं ये भूल
खो गयी खुशबू हवा में, कुछ ना रह गया

उड़ते पंछी का ठिकाना, मेरा न कोई जहां 
ना डगर हैं, ना खबर हैं, जाना हैं मुझ'को कहा
बन के सपना, हमसफ़र का साथ रह गया


गीतकार: एम. जी. हशमत
संगीतकार: कल्याणजी-आनंदजी
गायक: किशोर कुमार
चित्रपट: कोरा कागज

बुधवार, २२ जानेवारी, २०१४

ओ साथी रे, तेरे बिना भी क्या जीना...





ओ साथी रे...........
तेरे बिना भी क्या जीना, तेरे बिना भी क्या जीना,
ओ साथी रे...
तेरे बिना भी क्या जीना, तेरे बिना भी क्या जीना

फुलो में कलियो में सपनो की गलियो में
फुलो में कलियो में सपनो की गलियो में
तेरे बिना कुछ कही ना, तेरे बिना भी क्या जीना
ओ साथी रे...........तेरे बिना भी क्या जीना

हर धडकन में प्यास हैं तेरी, सांसो में तेरी खुशबू है
इस धरती से उस अंबर तक, मेरी नजर में  तू ही तू है
प्यार ये टूटे ना.... 
प्यार ये टूटेना, तू मुझसे रुठेना
साथ ये छुटे कभी ना...
तेरे बिना भी क्या जीना, तेरे बिना भी क्या जीना
ओ साथी रे................
तेरे बिना भी क्या जीना, तेरे बिना भी क्या जीना

तुज बिन जोगन मेरी राते, तुज बिन मेरे दिन बंजारे
मेरा जीवन जलती भूमी, बुझे बुझे मेरे सपने सारे
तेरे बिना मेरी...
तेरे बिना मेरी, मेरे बिना तेरी
ये जिंदगी जिंदगी ना, तेरे बिना भी क्या जीना,
ओ साथी रे........
 
तेरे बिना भी क्या जीना, तेरे बिना भी क्या जीना
तेरे बिना भी क्या जीना, तेरे बिना भी क्या जीना

गीतकार : अंजान
संगीतकार: कल्याणजी-आनंदजी
गायक: किशोर कुमार
चित्रपट: मुकद्दर का सिकंदर

सोमवार, २० जानेवारी, २०१४

कोई हमदम न रहा...





कोई हमदम न रहा, कोई सहारा न रहा
हम किसी के न रहे, कोई हमारा न रहा

शाम तनहाई की है, आयेगी मंझील कैसे
जो मुझे राह दिखाए, वही तारा न रहा

क्या बताऊ मैं कहा, यूँ ही चला जाता हूँ
जो मूझे फिर से बुला ले, वो इशारा न रहा


गीतकार: मजरूह सुलतानपूरी
संगीतकार आणि गायक: किशोर कुमार
चित्रपट: झुमरू

रविवार, १९ जानेवारी, २०१४

ये शाम मस्तानी...





ये शाम मस्तानी, मदहोश किये जाए
मुझे डोर कोई खींचे, तेरी और लिए जाए

दूर रहती हैं तू, मेरे पास आती नहीं
होठों पे तेरे, कभी प्यास आती नहीं
ऐसा लगे जैसे के तू, हँस के जहर कोई पिए जाए

बात जब मैं करू, मुझे रोक लेती हैं क्यों
तेरी मीठी नजर, मुझे टोक देती हैं क्यों
तेरी हया, तेरी शर्म  तेरी कसम  मेरे होठ सिये जाए

एक रूठी हुयी, तकदीर जैसे कोई
खामोश ऐसे हैं तू, तसवीर जैसे कोई
तेरी नजर, बन के जुबान  लेकिन तेरे पैगाम दिए जाए

गीतकार: आनंद बक्षी
संगीतकार: राहुल देव बर्मन
गायक: किशोर कुमार
चित्रपट: कटी पतंग

रविवार, ५ जानेवारी, २०१४

ये रातें, ये मौसम, नदी का किनारा...





ये रातें, ये मौसम, नदी का किनारा, ये चंचल हवा
कहा दो दिलों ने, के मिलकर कभी हम ना होंगे जुदा

ये क्या बात हैं, आज की चाँदनी में
के हम खो गये, प्यार की रागनी में
ये बाहों में बाहें, ये बहकी निगाहें
लो आने लगा जिंदगी का मज़ा

सितारों की महफ़िल नें कर के इशारा
कहा अब तो सारा, जहाँ हैं तुम्हारा
मोहब्बत जवां हो, खुला आसमां हो
करे कोई दिल आरजू और क्या

कसम हैं तुम्हे, तुम अगर मुझ से रूठे
रहे साँस जब तक ये बंधन ना टूटे
तुम्हे दिल दिया हैं, ये वादा किया हैं
सनम मैं तुम्हारी रहूंगी सदा

गीतकार: शैलेंद्र
संगीतकार: रवी
गायक-गायिका: किशोर कुमार-आशा भोसले
चित्रपट: दिल्ली का ठग

रविवार, २९ डिसेंबर, २०१३

हमे तुम से प्यार कितना...





हमे तुम से प्यार कितना, ये हम नहीं जानते
मगर जी नहीं सकते, तुम्हारे बीना

सूना गम जुदाई का, उठाते हैं लोग
जाने जिन्दगी कैसे, बिताते हैं लोग
दिन भी यहाँ तो लगे, बरस के समान
हमे इंतज़ार कितना, ये हम नहीं जानते
मगर जी नहीं सकते, तुम्हारे बीना

तुम्हें कोई और देखे, तो जलता हैं दिल
बड़ी मुश्किलों से फिर, संभलता हैं दिल
क्या, क्या जतन करते है, तुम्हे क्या पता
ये दिल बेकरार कितना, ये हम नहीं जानते
मगर जी नहीं सकते, तुम्हारे बीना

गीतकार: मजरूह सुलतानपूरी
संगीतकार: राहूल देव बर्मन
गायक: किशोर कुमार
चित्रपट: कुदरत

शनिवार, २८ डिसेंबर, २०१३

मेरी भीगी भीगी सी...




मेरी भीगी भीगी सी, पलकों पे रह गए
जैसे मेरे सपने बिखर के
जले मन तेरा भी किसी के मिलन को
अनामिका, तू भी तरसे

तुझे बीन जाने, बीन पहचाने, मैंने हृदय से लगाया
पर मेरे प्यार के बदले में तूने, मुझ को ये दिन दिखलाया
जैसे बिरहा की रुत मैंने काटी, तड़प के आहें भर भर के
जले मन तेरा... ..

आग से नाता, नारी से रिश्ता, काहे मन समझ न पाया
मुझे क्या हुआ था, एक बेवफा पे हाय मुझे क्यों, प्यार आया
तेरी बेवफाई पे, हँसे जग सारा, गली गली गुजरे जिधर से
जले मन तेरा... .

गीतकार: मजरूह सुलतानपूरी
संगीतकार: राहूल देव बर्मन
गायक: किशोर कुमार
चित्रपट: अनामिका

शुक्रवार, २७ डिसेंबर, २०१३

कभी अलविदा ना कहना...




चलते चलते, मेरे ये गीत याद रखना
कभी अलविदा ना कहना, कभी अलविदा ना कहना
रोते हँसते, बस यूँ ही तुम, गुनगुनाते रहना
कभी अलविदा ना कहना, कभी अलविदा ना कहना

प्यार करते करते, हम तुम कही खो जायेंगे
इन ही बहारों के, आँचल में थक के सो जायेंगे
सपनों को फिर भी, तुम यूँ ही सजाते रहना

बीच राह में दिलबर, बिछड जाए कही हम अगर
और सूनी सी लगे तुम्हें, जीवन की ये डगर
हम लौट आयेंगे, तुम यूँ ही बुलाते रहना

गीतकार: अमित खन्ना
संगीतकार: बप्पी लाहिरी
गायक: किशोर कुमार
चित्रपट: चलते चलते

बुधवार, १४ ऑगस्ट, २०१३

गाता रहे मेरा दिल....




गाता रहे मेरा दिल, तू ही मेरी मंज़िल,
कहीं बीतें ना ये रातें, कहीं बीतें ना ये दिन - (२)

प्यार करने वाले अरे प्यार ही करेंगे
जलने वाले चाहे जल जल मरेंगे
दिल से जो धड़के हैं वो दिल हरदम ये कहेंगे
कहीं बीतें ना ये रातें, कहीं बीतें ना ये दिन
गाता रहे मेरा दिल, तू ही मेरी मंज़िल

ओ मेरे हमराही, मेरी बाँह थामे चलना,
बदले दुनिया सारी, तुम ना बदलना
प्यार हमे भी सिखला देगा, गरदिश में सम्भलना,
कहीं बीतें ना ये रातें, कहीं बीतें ना ये दिन
गाता रहे मेरा दिल, तू ही मेरी मंज़िल


दूरियाँ अब कैसी, अरे शाम जा रही है,
हमको ढलते ढलते समझा रही है,
आती जाती साँस जाने कब से गा रही है
कहीं बीतें ना ये रातें, कहीं बीतें ना ये दिन
गाता रहे मेरा दिल, तू ही मेरी मंज़िल


गीतकार: शैलेंद्र
संगीतकार: सचिन देव बर्मन
गायक-गायिका: किशोर कुमार,लता मंगेशकर
चित्रपट: गाईड

मंगळवार, १६ जुलै, २०१३

तेरे मेरे मिलन की ये रैना...



तेरे मेरे मिलन की ये रैना
नया कोई गुल खिलायेगी
तभी तो चंचल है तेरे नैना
देखो ना..देखो ना
तेरे मेरे मिलन की ये रैना       

नन्हा सा गुल खिलेगा अंगना
सुनी बैयां  सजेगी सजना
जैसे खेले चंदा बादल में
खेलेगा वो तेरे आंचल मे
चंदनियां गुनगुनायेगी
तभी तो चंचल है तेरे नैना
देखो ना..देखो ना
तेरे मेरे मिलन की ये रैना

तुझे थामे कई हातो से
मिलुंगा मदभरी रातो से
जगाके अनसुनी सी धडकन
बलमवा भर दुंगी तोरा मन
नई अदा से सतायेगी
तभी तो चंचल है तेरे नैना
देखो ना..देखो ना
तेरे मेरे मिलन की ये रैना
नया कोई गुल खिलायेगी
तभी तो चंचल है तेरे नैना
देखो ना..देखो ना
तेरे मेरे मिलन की ये रैना       

गीतकार: मजरूह सुलतानपूरी
संगीतकार: सचिन देव बर्मन
गायक-गायिका: किशोर कुमार,लता मंगेशकर
चित्रपट: अभिमान

मंगळवार, ९ जुलै, २०१३

कुछ तो लोग कहेंगे..




कुछ तो लोग कहेंगे, लोगों का काम हैं कहना
छोडो बेकार की, बातो में  कही, बीत ना जाऽऽए रैना

कुछ रीत जगत की ऐसी है
हर एक सुबह की शाम हुयी
तू, कौन है, तेरा नाम हैं क्या
सीता भी यहाँ बदनाम हुयी
फिर क्यों संसार की बातों से
भीग गए तेरे नैना

हम को जो, ताने देते है
हम खोये हैं, इन रंग रलियों में
हम ने उन को भी, छुप छुप के
आते देखा इन गलियों में
ये सच हैं, झूठी बात नहीं
तुम बोलो, ये सच हैं ना

गीतकार: आनंद बक्षी
संगीतकार: आर डी बर्मन
गायक: किशोर कुमार
चित्रपट: अमर प्रेम

मंगळवार, ११ जून, २०१३

जिंदगी के सफर में गुजर जाते है जो मकाम...




जिंदगी के सफर में गुजर जाते है जो मकाम
वो फिर नही आते...वो फिर नही आते.....   -२

फूल खिलते है, लोग मिलते है   -२ मगर
पतझड में जो फूल मुरझा जाते है
वो बहारों के आनेसे खिलते नही
कुछ लोग इक रोज जो बिछड जाते हैं
वो हजारों के आने से मिलते नही
उम्र भर चाहे कोई पुकारा करे उनका नाम
वो फिर.......

ऑंख धोखा है, क्या भरोसा है -२ सुनो
दोस्तोंशक दोस्ती का दुश्मन है
अपने दिल में इसे घर बनाने ना दो
कल तडपना पडे याद मे जिनके
रोक लो रूठकर उनको जाने ना दो
बाद में प्यार के चाहे भेजो हजारों सलाम
वो फिर....

सुबह आती है, रात जाती है -२ युँ ही
वक्त चलता ही रहता है रूकता नही
एक पल में ये आगे निकल जाता है
आदमी ठीक से देख पाता नही
और परदे पे मँजर बदल जाता है
एक बार चले जाते है जो दिन-रात सुबह-शाम
वो फिर नही आते....

गीतकार: आनंद बक्षी
संगीतकार: आर डी बर्मन
गायक: किशोर कुमार
चित्रपट: आपकी कसम

शुक्रवार, ७ जून, २०१३

ये क्या हुवा





ये क्या हुवा, कैसे हुआ, कब हुवा,
अब क्या सुनाये

ये क्या हुवा, कैसे हुवा, कब हुवा,
क्यू हुवा, जब हुवा, तब हुवा
ओ छोडो ये ना सोचो
हूऽऽऽ ये क्या हुवा, कैसे हुवा, कब हुवा,
क्यू हुवा, जब हुवा, तब हुवा
ओ छोडो ये ना सोचो
हूऽऽऽ ये क्या हुवा

हम क्यू, शिकवा करे झुटा,
क्या हुआ जो दिल टुटा
हम क्यू, शिकवा करे झुटा,
क्या हुआ जो दिल टुटा
शिशे का खिलोना था,
कुछ ना कुछ होना था, हुवा
ये क्या हुवा, कैसे हुवा, कब हुवा,
क्यू हुवा, जब हुवा, तब हुवा
ओ छोडो ये ना सोचो
हूऽऽऽ ये क्या हुवा

हमने जो, देखा था सुना था,
क्या बताये वो क्या था
हमने जो, देखा था सुना था,
क्या बताये वो क्या था
सपना सलोना था
खतम तो होना था , हुवा
ये क्या हुवा, कैसे हुवा, कब हुवा,
क्यू हुवा, जब हुवा, तब हुवा
ओ छोडो ये ना सोचो
हूऽऽऽ ये क्या हुवा

ऐ दिल, चल पिकर झुमे
इन्ही गलियों मे घुमे
ऐ दिल, चल पिकर झुमे
इन्ही गलियों मे घुमे
यहा तुझे खोना था बदनाम होना था, हुवा
ये क्या हुवा, कैसे हुवा, कब हुवा,
क्यू हुवा, जब हुवा, तब हुवा
ओ छोडो ये ना सोचो
हूऽऽऽ ये क्या हुवा

गीतकार: आनंद बक्षी
संगीतकार: आर डी बर्मन
गायक: किशोर कुमार
चित्रपट: अमर प्रेम

शनिवार, १ जून, २०१३

अमानूष बना के छोडा





दिल ऐसा किसीने मेरा तोडा
बरबादी की तरफ ऐसा मोडा
एक भले मानूष को
अमानूष बना के छोडा

सागर कितना मेरे पास है
मेरे जीवन में फिर भी प्यास है
है प्यास बडी जीवन थोडा
अमानूष बनाके छोडा
दिल ऐसा किसीने मेरा तोडा
बरबादी की तरफ ऐसा मोडा

केहते है ये दुनिया के रास्ते
कोई मंजिल नही तेरे वास्ते
नाकामियों से नाता मेरा जोडा
अमानूष बनाके छोडा
दिल ऐसा किसीने मेरा तोडा
बरबादी की तरफ ऐसा मोडा

डूबा सूरज फिर से निकले
रहेता नही है अन्धेरा
मेरा सूरज ऐसा रूठा
देखा ना मैने सवेरा
उजालों ने साथ मेरा छोडा
अमानूष बनाके छोडा
दिल ऐसा किसीने मेरा तोडा
बरबादी की तरफ ऐसा मोडा
एक भले मानूष को
अमानूष बना के छोडा
दिल ऐसा किसीने मेरा तोडा
बरबादी की तरफ ऐसा मोडा

गीतकार: इंदीवर
संगीतकार: श्यामल मित्रा
गायक: किशोर कुमार
चित्रपट:

बुधवार, १४ नोव्हेंबर, २०१२

वो शाम कुछ अज़ीब थी...





वो शाम कुछ अज़ीब थी
ये शाम भी  अज़ीब हैं
वो कल भी पास-पास थी
वो आज भी करीब हैं  -  २
वो शाम .........

झूकी हुई निगाह में
कही मेरा खयाल था
दबी दबी हंसी में इक
हसीन सा गुलाल था
मैं सोचता था,
मेरा नाम गुनगुना रही हैं वो   - २
न जाने क्यों लगा मुझे
के मुस्कुरा रहीं है वो
वो शाम ......

मेरा खयाल है अभी
झूकी हूई निगाह में
मिली हुई हंसी भी है
दबी हुई सी चाह में
मैं जानता हुं,
मेरा नाम गुनगुना रही हैं वो  -  २
यही खयाल हैं मुझे
के साथ आ रही हैं वो
वो शाम   ........

गीतकार: गुलझार
संगीतकार: हेमंत कुमार
गायक: किशोर कुमार
चित्रपट: खामोशी

शुक्रवार, ९ नोव्हेंबर, २०१२

कोई होता जिस को अपना..





कोई होता जिस को अपना
हम अपना कह लेते यारो
पास नहीं तो दूर ही होता
लेकीन कोई मेरा अपना

आंखो में नींद ना होती
आंसू ही तैरते रहते
ख्वाबों में जागते हम रात भर
कोई तो गम अपनाता
कोई तो साथी होता

भूला हुवा कोई वादा
बिती हुई कुछ यादे
तनहाई दोहराती हैं रातभर
कोई दिलासा होता
कोई तो अपना होता

गीतकार: गुलजार
संगीतकार: सलिल चौधरी
गायक: किशोर कुमार
चित्रपट: मेरे अपने

गुरुवार, १४ जून, २०१२

मुसाफिर हूँ यारो...





मुसाफिर हूँ यारो, ना घर है ना ठिकाना
मुझे चलते जाना है, बस, चलते जाना

एक राह रुक गयी तो और जूड गयी
मै मूडा तो साथ साथ राह मूड गयी
हवाके परोपर मेरा आशियाना
मुसाफिर हूँ यारो, ना घर है ना ठिकाना
मुझे चलते जाना है, बस, चलते जाना

दिनने हाथ थामकर इधर बिठा लिया
रातने इशारेसे उधर बुला लिया
सुबहसे शामसे मेरा दोस्ताना
मुसाफिर हूँ यारो, ना घर है ना ठिकाना
मुझे चलते जाना है, बस, चलते जाना

गीतकार: गुलजार
संगीतकार: आर डी बर्मन
गायक: किशोरकुमार
चित्रपट: परिचय

गुरुवार, २४ मे, २०१२

माना जनाब ने पुकारा नहीं...



माना जनाब ने पुकारा नहीं
क्या मेरा साथ भी गॅंवारा नहीं
मुफ्तमें बनके चल दिये तनके
वल्लाह जवाब तुम्हारा नही
माना जनाबने....


यारोंका चलन है गुलामी
देते है हसींनोको सलामी
गुस्सा ना कीजिये जाने भी दीजिये
बंदगी तो बंदगी तो लीजिये साहब
माना जनाबने...

माशा अल्लाह कहना तो माना
बन गया बिगडा जमाना
तुमको हॅंसा दिया प्यार सिखा दिया
शुक्रिया तो शुक्रिया तो कीजिये साहब
माना जनाबने...

गीतकार: मजरूह सुलतानपुरी
संगीतकार: सचिन देव बर्मन
गायक : किशोर कुमार
चित्रपट: पेईंग गेस्ट