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बुधवार, २९ जानेवारी, २०१४

जीवन से लंबे, हैं बंधू





जीवन से लंबे, हैं बंधू
ये जीवन के रस्ते, ये जीवन के रस्ते
इक पल थम के रोना होगा, इक पल चलना हँस के
ये जीवन के रस्ते, ये जीवन के रस्ते
जीवन से लंबे, हैं बंधू...
 
राहो से राही का रिश्ता, कितने जनम पुराना
एक को चलते, जाना आगे, एक को पीछे आना
मोड पे मत रूक जाना, बंधू, दो राहो मे फँस के
ये जीवन के रस्ते, ये जीवन के रस्ते
जीवन से लंबे हैं बंधू...

 
दिन और रात के हाथो नापी, नापी एक उमरिया
साँस की डोरी, छोटी पड गयी, लंबी आस डगरिया
भोर के मंझिलवाले, उठकर, भोर से पहले चलते
ये जीवन के रस्ते, ये जीवन के रस्ते
जीवन से लंबे हैं बंधू....


गीतकार: गुलजार
संगीतकार: वसंत देसाई
गायक: मन्ना डे
चित्रपट: आशिर्वाद

रविवार, ५ जानेवारी, २०१४

आजा सनम,मधुर चॉंदनी में हम...





आजा सनम, मधुर चाँदनी में हम तुम मिले तो वीराने में भी आ जाएगी बहार
झुमने लगेगा आसमान, झुमने लगेगा आसमान

कहता हैं दिल और मचलता हैं दिल
मोरे साजन ले चल मुझे तारों के पार
लगता नहीं हैं दिल यहाँ, लगता नहीं हैं दिल यहाँ

भीगी भीगी रात में, दिल का दामन थाम ले
खोई खोई जिंदगी, हर दम तेरा नाम ले
चाँद की बहकी नज़र, कह रही हैं प्यार कर
जिंदगी हैं एक सफ़र, कौन जाने कल किधर

दिल ये चाहे आज तो, बादल बन उड़ जाऊ मैं 
दुल्हन जैसा आसमां , धरती पर ले आऊ मैं 
चाँद का डोला सजे, धूम तारों में मचे
झूम के दुनियाँ कहे, प्यार में दो दिल मिले

गीतकार: हसरत जयपूरी
संगीतकार: शंकर जयकिशन
गायक-गायिका: मन्ना डे आणि लता मंगेशकर
चित्रपट: चोरी चोरी

रविवार, १ सप्टेंबर, २०१३

प्यार हुआ इक़रार हुआ है...




प्यार हुआ इक़रार हुआ है
प्यार से फिर क्यों डरता है दिल
कहता है दिल, रस्ता मुश्किल
मालूम नहीं है कहाँ मंज़िल
प्यार हुआ इक़रार हुआ...

कहो की अपनी प्रीत का मीत ना बदलेगा कभी
तुम भी कहो इस राह का मीत न बदलेगा कभी
प्यार जो टूटा, साथ जो छूटा
चाँद न चमकेगा कभी
प्यार हुआ इकरार हुआ...

रातें दसों दिशाओं से कहेंगी अपनी कहानियाँ
प्रीत हमारे प्यार के दोहराएंगी जवानियाँ
मैं न रहूँगी, तुम न रहोगे
फिर भी रहेंगी निशानियाँ
प्यार हुआ इक़रार हुआ...

गीतकार: शैलेंद्र
संगीतकार: शंकर-जयकिशन
गायक-गायिका: मन्नाडे,लता मंगेशकर
चित्रपट: श्री ४२०

रविवार, २५ ऑगस्ट, २०१३

जिंदगी, कैसी हैं पहेली हाये ...





जिंदगी, कैसी हैं पहेली हाये 
कभी तो हसाये, कभी ये रुलाये 

कभी देखो मन नहीं जागे
पीछे पीछे सपनों के भागे
एक दिन सपनों का राही
चला जाये सपनों से आगे कहा

जिन्हों ने सजाये यहा मेले
सुख दुख संग संग झेले 
वही चुनकर खामोशी
यूँ चले जाये अकेले कहा

गीतकार: योगेश
संगीतकार: सलिल चौधरी
गायक: मन्ना डे
चित्रपट आनंद

रविवार, १८ ऑगस्ट, २०१३

घन घन माला नभी दाटल्या ...


घन घन माला नभी दाटल्या कोसळती धारा
केकारव करी मोर काननी उभवून उंच पिसारा

कालिंदीच्या तटी श्रीहरी
तशात घुमवी धुंद बासरी
एक अनामिक सुगंध येतो ओल्या अंधारा

वर्षाकालिन सायंकाळी
लुकलुक करिती दिवे गोकुळी
उगाच त्यांच्या पाठिस लागे भिरभिरता वारा

कृष्णविरहिणी कोणी गवळण
तिला अडविते कवाड, अंगण
अंगणी अवघ्या तळे साचले, भिडले जल दारा

गीतकार: ग.दि.माडगूळकर
संगीतकार: वसंत पवार:
गायक: मन्ना डे
चित्रपट: वरदक्षिणा

गुरुवार, २५ जुलै, २०१३

ऐ मेरे प्यारे वतन...



ऐ मेरे प्यारे वतन ऐ मेरे बिछड़े चमन तुझ पे दिल कुर्बान।
तू ही मेरी आरजू तू ही मेरी आबरू तू ही मेरी जान ॥धृ॥

तेरे दामन से जो आये उन हवा-ओंको सलाम
चूम् लूँ मैं उस ज़ुबाँ को जिसपे आये तेरा नाम
सबसे प्यारी सुबह तेरी सबसे रंगीं तेरी शाम
तुझपे दिल् कुर्बान ॥१॥

माँ का दिल बनके कभी सीने से लग जाता है तू
और कभी नन्ही सी बेटी बन के याद आता है तू
जितना याद आता है मुझको उतना तड़पाता है तू
तुझ पे दिल कुर्बान॥२॥

छोड़ कर तेरी ज़मींको दूर आ पहुंचे हैं हम
फिर भी है येही तमन्ना तेरे जर्रों की कसम
हम जहां पैदा हुये उस जगह ही निकले दम
तुझ पे दिल कुर्बान ॥३॥

गीतकार: प्रेम धवन
संगीतकार: सलील चौधरी
गायक: मन्ना डे
चित्रपट: काबुलीवाला

मंगळवार, २३ जुलै, २०१३

अय मेरी जोहरा जबीं...





अय मेरी जोहरा जबीं, तुझे मालूम नही
तू अभी तक है हॅंसी और मैं जवान
तुझपे कुरबान मेरी जान मेरी जान

ये शोखियॉं ये बॉंकपन
जो तुझमें है कही नही
दिलो को जीतने का फन
जो तुझमें है कही नही
मैं तेरी, मैं तेरी ऑंखो में पा गया दो जहॉं
अय मेरी जोहरा जबीं, तुझे मालूम नही
तू अभी तक है हॅंसी और मैं जवान
तुझपे कुरबान मेरी जान मेरी जान

तू मीठे बोल जानेमन
जो मुस्कुराके बोल दे
तो धडकनो में आज भी
शराबी रंग घोल दे
ओ सनम, ओ सनम मैं तेरा आशिके-जॉंविदां
अय मेरी जोहरा जबीं, तुझे मालूम नही
तू अभी तक है हॅंसी और मैं जवान
तुझपे कुरबान मेरी जान मेरी जान

गीतकार: साहिर लुधियानवी
संगीतकार: रवि
गायक: मन्ना डे
चित्रपट: वक्त

ये रात भीगी-भीगी...



ये रात भीगी-भीगी, ये मस्त फिजायें
उठा धीरे-धीरे, वो चाँद प्यारा प्यारा
क्यों आग सी लगा के, गुमसुम हैं चांदनी
सोने भी नहीं देता, मौसम का ये इशारा

इठलाती हवा, नीलम सा गगन
कलियों पे ये बेहोशी की नमी
ऐसे में भी क्यों बेचैन हैं दिल
जीवन में ना जाने क्या हैं कमी
क्यों आग सी लगा के, गुमसुम हैं चांदनी
सोने भी नहीं देता, मौसम का ये इशारा
ये रात भीगी-भीगी...

जो दिन के उजाले में ना मिला
दिल ढूंढें ऐसे सपने को
इस रात की जगमग में डूबी
मैं ढूंढ रही हूँ अपने को
ये रात भीगी-भीगी...

ऐसे में कहीं क्या कोई नहीं
भूले से जो हम को याद करे
एक हलकी सी मुसकान से जो
सपनों का जहां आबाद करे
ये रात भीगी-भीगी...

गीतकार: हसरत जयपूरी
संगीतकार: शंकर-जयकिशन
गायक-गायिका: मन्ना डे, लता मंगेशकर
चित्रपट: चोरी चोरी

सोमवार, १५ जुलै, २०१३

लागा चुनरी में दाग....




लागा चुनरी में दाग, छुपाऊँ कैसे
चुनरी में दाग, छुपाऊँ कैसे, घर जाऊँ कैसे
लागा चुनरी में दाग...

हो गई मैली मोरी चुनरिया
कोरे बदन सी कोरी चुनरिया
जाके बाबुल से नज़रें मिलाऊँ कैसे, घर जाऊँ कैसे
लागा चुनरी में दाग...

भूल गई सब बचन बिदा के
खो गई मैं ससुराल में आके
जाके बाबुल से नज़रे मिलाऊँ कैसे, घर जाऊँ कैसे
लागा चुनरी में दाग...

कोरी चुनरिया आत्मा मोरी
मैल है माया जाल
वो दुनिया मोरे बाबुल का घर
ये दुनिया ससुराल
जाके बाबुल से नज़रे मिलाऊँ कैसे, घर जाऊँ कैसे
लागा चुनरी में दाग...

गीतकार: साहिर लुधियानवी
संगीतकार:  रोशन
गायक: मन्ना डे
चित्रपट: दिल ही तो है

रविवार, १४ जुलै, २०१३

आयो कहां से घनश्याम...



आयो कहां से घनश्याम
रैना बितायी किस धाम
हाय राम, आयो कहां से....

हा रात की जागी रे...
रात की जागी रे अखियां तोरी
हो रही गली गली जिया की चोरी
हो नही जाना बदनाम हाय राम
आयो कहां से....


सज धज तुम्हरी का कहू रसिया
धनीध ध धनीध ध मधप गपम रेमग
मगसा निसा निसा निसागमग सागम पनीगम
पनीसा गमगसा नीनीप मगसा प
ऐसे लगे तेरे हातो मे बन्सियां
जैसे कटारी लियो थाम हाय राम
आयो कहां से....

हां मै ना कहूं कछु मोसे ना रुठो
तुम खुद अपने जियरा से पुंछो
बिती कहां पे कला शाम,
आयो कहां से....

गीतकार: मजरूह सुलतानपूरी
संगीतकार: आर. डी. बर्मन
गायक: मन्ना डे
चित्रपट: बुढ्ढा मिल गया

सोमवार, १ जुलै, २०१३

सूर ना सजे क्या गाऊं मैं



सूर ना सजे क्या गाऊं मैं
सूर के बिना, जीवन सुना
सूर ना सजे...

दोनों जहां मुझसे रूठे
तेरे बिना ये गीत भी झूठे
सूर ना सजे...

जलते गया जीवन मेरा
इस रात का न होगा सवेरा
सूर ना सजे...

संगीत मन को पंख लगाए
गीतों से रिमझिम रस बरसाए
स्वर की साधना, परमेश्वर की
सूर ना सजे...


गीतकार: शैलेन्द्र
संगीतकार: शंकर-जयकिशन
गायक: मन्ना डे
चित्रपट: बसंत-बहार

मंगळवार, ९ ऑक्टोबर, २०१२

यारी है इमान मेरा.....

माझे मित्र राजाभाऊ उर्फ शैलेंद्र साठे ह्यांनी गायलेलं हे जंजीर चित्रपटातलं गाजलेलं गीत ऐका.








ग़र ख़ुदा मुझसे कहे, कुछ माँग ऐ बंदे मेरे

मैं ये माँगूँ, महफ़िलों के दौर यूँ चलते रहें

हमप्याला हो, हमनवाला हो, हमसफ़र हमराज़ हों

ता-क़यामत, जो चिराग़ों की तरह जलते रहें



यारी है ईमान मेरा यार मेरी ज़िंदगी

प्यार हो बंदों से ये सबसे बड़ी है बंदगी



साज़-ए-दिल छेड़ो जहां में, प्यार की गूँजे सदा

जिन दिलों में प्यार है उनसे बहारें हों फ़िदा

प्यार लेके नूर आया, प्यार लेके सादगी

यारी है ईमान मेरा...



जान भी जाए अगर, यारी में यारों ग़म नहीं

अपने होते यार हो ग़मगीन, मतलब हम नहीं

हम जहाँ हैं उस जगह, झूमेगी नाचेगी ख़ुशी

यारी है ईमान मेरा...



गुल-ए-गुलज़ार क्यों बेज़ार नज़र आता है

चश्म-ए-बद का शिकार यार नज़र आता है

छुपा न हमसे, ज़रा हाल-ए-दिल सुना दे तू

तेरी हँसी की क़ीमत क्या है, ये बता दे तू



कहे तो आसमाँ से चाँद-तारे ले आऊँ

हंसी जवान और दिलकश नज़ारे ले आऊँ

ओए! ओए! क़ुर्बान

तेरा ममनून हूँ, तूने निभाया याराना

तेरी हँसी है आज सबसे बड़ा नज़राना

यार के हँसते ही, महफ़िल पे जवानी आ गई, आ गई

यारी है ईमान मेरा...



लो शेर! कुरबां! कुरबां!

कवी:गुलशन बावरा
संगीतकार:कल्याणजी-आनंदजी
गायक: मन्ना डे
चित्रपट: जंजीर

शनिवार, १९ मे, २०१२

कौन आया मेरे मनके द्वारे...




कौन आया मेरे मनके द्वारे
पायल की झनकार लिये
कौन आया

ऑंख ना जाने दिल पहचाने
सुरतीयॉं कुछ ऐसी
याद करूं तो याद ना आये
मुरतीयॉं ये ऐसी
पागल मनवा सोचमें डूबा
सपनोंका संसार लिये
कौन आया

इक पल सोचूं मेरी आशा
रूप बदलकर आई
दूजे पल फिर ध्यान ये आये
हो ना कही परछाई
जो परदेसी के घर आई
एक अनोखा प्यार लिये
कौन आया


गीतकार:राजेंद्र कृष्ण
संगीतकार:मदन मोहन
गायक: मन्ना डे
चित्रपट: देख कबीरा रोया

सोमवार, १३ फेब्रुवारी, २०१२

पुछो ना कैसे मैने रैन बिताई...

मन्ना डे ह्यांच्या आवाजातलं एक सदाबहार गीत..माझ्या अनेक आवडत्या गीतांपैकी एक आहे....ऐका माझ्या  आवाजात..रुळासंगे.


पुंछो ना कैसे मैने रैन बिताई
इक पल जैसे इक युग बिता
युग बिते मोहे नींद न आई

इक जले दीपक इक मन मेरा
फिर भी ना जायें मेरे मन का अँधेरा
तडपत तरसत उमर गँवाई

ना कही चँदा ना कहीं तारें
ज्योत के प्यासे मेरे नैन बेचारे
भोर भी आंस की किरण ना लाई

गीत: शैलेंद्र
संगीत: एस.डी.बर्मन
गायक: मन्ना डे
चित्रपट: मेरी सुरत तेरी ऑंखे

रविवार, १२ फेब्रुवारी, २०१२

तू प्यार का सागर है....

मन्ना डे ह्यांच्या धीरगंभीर आवाजातलं हे माझं एक आवडतं गीत...माझ्या आवाजात ऐका.


तू प्यार का सागर हैं
तेरी एक बुंद के प्यासे हम
लौटा जो दिया तूने
चले जायेंगे जहॉंसे हम

घायला मन का पागल पंछी
उडने को बेकरार
पंख हैं कोमल ऑंख हैं धुंधली
जाना हैं सागर पार
अब तू ही इसे समझा
राह भूले थे कहॉं से हम
तू प्यार का सागर हैं

इधर झूम के गाये जिंदगी
उधर हैं मौत खडी
कोई क्या जाने  कहॉं हैं सीमा
उलझन आन पडी
कानोंमें जरा कह दे
की आये कौन दिशासे हम
तू प्यार का सागर हैं

गीत: शैलेंद्र
संगीत: शंकर जयकिशन
गायक: मन्ना डे
चित्रपट: सीमा